Browsing Category hindi

बचपन

शब्द ही है जो कभी कभी नज्में बनते है,

नज्में ही है जो कभी कभी कुछ याद दिला देती है,

यादें ही है जो उस वक़्त को ज़िंदा रखती है।

एक खुशनुमा बहार जैसा वो वक़्त,

एक ठंडी बौंछार जैसा वो वक़्त,

एक मीठे अमरुद जैसा वो वक़्त,

कभी आधा कच्चा लगता है,

कभी आधा पक्का।

Read More

रंगाथिटटु पक्षी विहार – एक दिन पंखों वाले स्वर्ग में।

हम रंगाथिटटु पक्षी विहार की एक दिन की ड्राइव पर गए। सुंदरता से अभिभूत यह जगह मानो अपने पंखो से उड़ा कर कही दूर ले गयी मुझे ।

मैंने अपना ये अनुभव एक कविता में लिखा। आखिरकार, प्रकृति और कविता से बेहतर क्या है?

तो वो कविता आपके सामने पेश करती हूँ।

Read More